सेल्फी ( Selfie ) के बारे में रोचक जानकारी
दुनियाभर में सेल्फी के दीवाने है
मगर भारत में इसकी दीवानगी कुछ ज्यादा ही है | आज सेल्फी भारत के हर छोटे बड़े शहर,
कस्बे, गाँव में लोकप्रिय है | परिवार के साथ सेल्फी, दोस्तों के साथ सेल्फी,
त्यौहार बनाते हुए सेल्फी, खाना खाते हुए सेल्फी, यात्रा करते समय सेल्फी अब जैसे
बहुत जरुरी हो गयी है | सेल्फी (Selfie) को सोशल मीडिया ( Social Media
) जैसे फेसबुक ( Facebook), व्हात्सप्प (Whatsapp), इन्स्ताग्राम (Instagram), ट्विटर (Twitter), पर शेयर ( Share) करना भी बहुत जरुरी हो गया है |
इन्हें जब तक सोशल मीडिया पर शेयर न कर दिया जाए तब तक कुछ अधूरा सा लगता है |
सेल्फी शब्द कैसे बना
क्या आपको पता है कि सेल्फी शब्द
कैसे बना, सेल्फी शब्द का इस्तमाल सबसे पहले ऑस्ट्रेलिया के नाथन होप ने 2002 में
नशे की हालत में अपनी तस्वीर पोस्ट करते वक्त किया था | उस समय यह किसी ने नहीं
सोचा था कि यह हर पार्टी, शादी, यात्रा का जरुरी हिस्सा बन जायगा |
सेल्फी ‘वर्ड ऑफ़ इयर’ घोषित हुआ
सेल्फी ( Selfie ) ने हर साल अपनी दावेदारी इस कदर
मजबूत कर ली कि ऑक्सफोर्ड अंग्रेजी शब्दकोश ( Oxford English Dictionary
) ने इस शब्द को 2013 में
‘वर्ड ऑफ द इयर’ ( Word of the Year ) घोषित किया |
सेल्फी के अनेक नाम
सेल्फी लेने का चलन जितना ज्यादा
चला है वही इसके अनेक नाम भी रखे गए है जैसे –
हेल्फी – सेल्फी में जहाँ ज्यादातर
चेहरे की सेल्फी ली जाती है, वहीँ हेल्फी में अपने बालो बालो की सेल्फी ली जाती है
|
फेल्फी – फेल्फी का मतलब होता है
किशान की सेल्फी | फेल्फी में एक किशान के रूप में सेल्फी ली जाती है |
सेल्फाई – सेल्फाई में सिर्फ आँखों
की सेल्फी ली जाती है, इसे आँखों का मेकअप करने के बाद लेते है |
बुकेल्फी – इसमें किताब के साथ
सेल्फी ली जाती है | लेखक अपनी किताब का प्रचार करने के लिए अपनी किताब के साथ
सेल्फी लेते है |
वेल्फी – यह सेल्फी लोक कल्याण ( Welfare ) के कार्यो या वर्कआउट (Workout ) के समय ली जाने वाली सेल्फी होती
है |
सेल्फी के खतरे
पूरी दुनिया में सेल्फी का चलन
बहुत तेजी से बड़ा है, मगर भारत में सेल्फी का चलन सबसे ज्यादा है और सेल्फी सबसे
ज्यादा जानलेवा भी भारत में ही साबित हुई है | एक रिपोर्ट के अनुसार सेल्फी लेते
वक़्त होने वाली मृत्यु सबसे ज्यादा भारत में ही है | इसकी सबसे बड़ी वजह यह है कि हम
लोगो तक यह तकनीक आ तो गयी है मगर उस तकनीक का सही से इस्तमाल करना नहीं आता है |
चलती बस पर सेल्फी, चलती ट्रेन पर सेल्फी, ट्रेन की पटरियों पर सेल्फी, खतरनाक
जानवरों के साथ सेल्फी, तेज बहती हुई नदियों में सेल्फी, पहाड़ो और ऊँची इमारतो से
सेल्फी लेने से अक्सर लोगो की जाने चली जाती है |
उम्र के हिसाब से सेल्फी
ऐसा देखा गया है कि अधेड़ उम्र के
लोग अपने घर, ऑफिस, एतिहासिक जगह या सांस्कृतिक स्थल पर सेल्फी लेना पसंद करते है
और युवा जिम, रेस्टोरेंट, यात्रा पर सेल्फी लेना पसंद करते है |
सबसे ज्यादा सेल्फी लेने वाली जगह
दुनिया में कुछ जगह ऐसी भी है जहा
सबसे ज्यादा सेल्फी ली जाती है | लंदन ब्रिज, मियामी तट, मैडिसन स्क्वायर, बुर्ज
खलीफा ऐसी ही कुछ जगह है | दुबई को सेल्फी के हिसाब से सबसे पसंदीदा देश का दर्जा
दिया गया है और फिलीपिंस को सेल्फी की वैश्विक राजधानी कहा जाता है |
सेल्फी की मनाही वाली जगह
कई पर्यटन स्थलों में सेल्फी की
वजह से हुई दुर्घटनाओं को देखते हुए अब बहुत जगह को ‘नो सेल्फी जोन’ (No Selfie Zone) घोषित किया जा रहा है | इस समय
भारत में मुंबई और गोवा में ‘नो सेल्फी जोन’ है और भी जगह जहाँ सेल्फी की वजह से
दुर्घटनाए हुई है उन जगहों को ‘नो सेल्फी जोन’ घोषित करने की तैयारी चल रही है |
सेल्फी की लत ना लग जाए
सेल्फी मनोरंजन का एक रचनात्मक
साधन है, मगर यह लत बन जाये तो जानलेवा हो सकती है | ब्रिटेन के एक व्यक्ति ने
सेल्फी अच्छी सेल्फी ना आने की वजह से आत्महत्या की कोशिश की थी | मनोचिकित्सक
कहते है कि रोज सेल्फी लेना और फिर उसके बारे में लोगो की प्रतिक्रिया जानने की
कोशिश ही धीरे - धीरे मनोविकार बन जाता है |
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